रात को सोते समय अवश्य रखें इन बातों का ध्यान !| Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
यह देखो बड़ी अंदर की बात है कि आप लोग दिनभर सावधान करते हैं है लेकिन जब आप शयन करते हैं तो आप सावधान हो जाते हैं बस वह आपको समझना है संयम का समय आप अंतिम समय समझो उस समय इधर-उधर देखो मत इधर-उधर चिंतन मत करो बहुत स्वागत है आप रात पवित्र जाएगी तो कि आप की रात भजन जाएगी आप रात प्रकाश में होगी अंधकार में नहीं होगी और यह गुरु कृपा से प्रारंभ में ही बात डाल दी गई थी इस सोने के समय जरूर बैठना है को संयम करने के पहले हमें बैठना है कुछ बातें डिलीट करनी है
कुछ बातें पुनर्स्थापित करने बैठ कर अपनी दिनचर्या पर दृष्टि डालने गलती क्या हुई प्रारंभ में इस मार्ग में जिन्होंने हमें सब्सक्राइब उन्होंने सब्सक्राइब उन्हें सब्सक्राइब सब्सक्राइब को सबस्क्राइब करना न भूलें और सब्सक्राइब और अपने लोगों से कुछ गलतियां सब्सक्राइब में बात होती है तो कहीं न कहीं सतरंगी कि है वह हमें जरूरत है इस बात की पुष्टि को संभालना चाहिए अगर आप एकाग्रतापूर्वक सब्सक्राइब तो आपको कभी प्रश्न नहीं करना पड़ेगा सब्सक्राइब यह तरंग आयुक्त की नियुक्ति सब्सक्राइब टो है कि जिससे दिनभर सेवा परिचर्या या जो भी ग्रस्त हो या वृद्धों रात्रि के समय समस्त कि मैंने थोड़ी देर मनोरंजन कर लेते हैं तो मोबाइल टीवी है या इधर-उधर मन को संयम करते हैं कि पूरी अंधकार में कालरात्रि धर्म को नष्ट करने वाली और अनंत निरुत्साहित झुकते हुए अपने को अधूरा पाते उत्साह हीन अब वह बनावटी रहता है आंतरिक खोखले हो जाते हैं है रात्रि को संभालिए रात्रि के समय समय आप बहुत सावधान रहिए तो सुबह-सुबह समझ गया तो पूरा अमला रहे
रात्रि मिल गई तो पूरा जीवन बहुत ही सब्सक्राइब मोबाइल की नियुक्ति शीघ्र पूरे विश्व ब्रह्मांड को अपने में समाए हुए हैं ज्ञान कहते हैं सब्सक्राइब नहीं होती जैसी फिल्मों में सर्च करो हर समय सब्सक्राइब माय चैनल को सबस्क्राइब तो राधा कृपा कटाक्ष शुरू कर दो कि वहां से सत्संग तो राधा कुंज स्थित सत्संग शुरू करने का यह और कुछ भी कुछ हरि कृपा करें कृपा से साधक का मन मतलब समझें उसको बंद करते हुए मोबाइल बहुत बड़ा सहयोगी भी हम गुर्जरों में रखते हुए सब्स्क्राइब
लुट उस समय कुछ सत्संग अपने रखे जाते हैं यह सत्संग हमारे लिए और यदि थी कि अलग-अलग लोगों को नियुक्त जब स्कूल से चाहिए वह अपने कर लेते हैं यह स्कूल अपने जब साधक विरोध जताया तो कौन-कौन से सूत्र जो हमारे अंदर ऐसी दोनों सब चीजें अलग होती तो अब मोबाइल एक नई डायरी उसमें आप अपना चेंज कर सकते कि सब्सक्राइब कर सकते हैं अगर हम कुमारग गामी नियुक्त सन्मार्ग में स्वागत किया नहीं जरूरत है कि अगर सही पूछो भगवत कृपा आप से नहीं जिम में लोगों के व्यवहार की बात लगी जरूरत नहीं गुरु कृपा से अभी तक प्रयोग में नहीं अभी तक पास हुए अभियुक्त करो उनसे बात करो अपने पास नाम रूपी मोबाइल उसको सर्च करो कि जानना चाहिए इसमें बहुत बड़ी निकुंज में जब राधा प्यारी प्यारी राधा नाम था लाडली को सब्सक्राइब जरुर करे तो जब विरक्तों आपके पास मोबाइल है आपके कमरे में टीवी लगी हुई मतलब स्कूल लिए सही बात नहीं होनी चाहिए ने गृहस्थी में संतानोत्पत्ति की बात सब्सक्राइब भगवत रावण की पूर्ति के लिए वासनाओं की पूर्ति के लिए कहीं भी कोई बात
नहीं सब्सक्राइब अपने आराधना की पूर्ति के लिए नियुक्त संतान उत्पत्ति करके पितृदोष की स्थिति एवं परमार्थ भगवतशरण अरविंद की शक्ति प्रदान जीवन होने चाहिए सब्सक्राइब किधर जा रहा है उनसे प्रार्थना घ्र से विनम्र प्रार्थना है कि आप अ अकाउंट में ऐसा कुछ ही देखते हुए ऐसा कुछ करते हो तो आप ना करें यह नियम ले लीजिए कि मोबाइल सेंड करने जा रहे हो तो उसके पहले सब्सक्राइब ढ से ज्यादा बातचीत भी किसी से मत रखिए जितनी आवश्यकता है तो यह यंत्र है बस दो सब बातों का उत्तर न कोई बात है कुछ लोग ऐसे होते हैं तो ऐसे व्यक्ति बात करेंगे इतनी देर किस बात कि अगर आपके पास यह किसी को नियुक्त और सबस्क्राइब और धुंध से जितना हमे subscribe लेकिन अब स्कूल उद्देश्य के लिए नाम नाम सें तिरे नाम भले मिनट बाद आप जाते हैं लेकिन नाम करते रहिए तो उसका फल होगा आप नाम के ध्यान में ही जगह देख लेना यह मतलब अनुभूत विषय अगर नियुक्त तो आप और नाम कर लिया जाता है कभी-कभी ऐसा होता है कि भगवान जगन्नाथ तो अच्छा ही सुंदर सुंदर भगवान की कृपा
सब्सक्राइब टो कि अगर आप इन बातों को ध्यान देकर सुनेंगे तो हृदय की बातें हम कहते हैं मतलब झुकना 2 घंटे के लिए उद्देश्य plz subscribe करें और लाइक सबस्क्राइब और नियुक्त करना नियुक्त और सब्सक्राइब कीजिए कि हम आपस में समझा गलतियां हमारे मित्र भजन प्रभाव से लागू क्यों नहीं हो रहा है सावधानी पूर्वक पढ़ लें एवं परमानंद झा जहां से खाना होगा हमें व्यू प्रीतम के नाम से वृतमे लगाना होगा एक दिन ऐसा आएगा कि अलग-अलग का या फिर और लूंगी
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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