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हर उपासक को यह नियम लेना ही चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj

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श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।

पूरा प्रवचन

शाहरुख पाचक को अपनी साधना पुष्ट करने के लिए कुछ ऐसे भावनाएं व्यक्त करनी चाहिए कि आपसे मैं नियम लेता हूं फिर कोई गाली देगा कोई मारेगा भी तो हम अंदर ही अंदर भले दुखी हो जाने पर हम बाहर से कठोर वचन नहीं बोलेंगे और हो सकता है आप आज ही लो और 24 घंटे में आपके साथ कुछ ऐसा होता है देखा गया है और ऐसी ऐसी स्थिति तक होता है कि अपने लोग खुद बता रहे अंदर की बात एक बार सके तो उससे बढ़कर कि फिर दूसरी बार फिर ऐसा होता है कि अब इसको यह बात समझाई देते रहें बार-बार

करेगा और उसे भी करेगा अब कमर कसकर फिर एक बार इससे यह सब आता है मन में अमन है वह फिर बहुत ज्यादा सुनने के लिए तैयार नहीं होता है फिर देख लेंगे हम बस अगर उसको देखने में लगे तो सीरियल को देख लो रुक जाएगा चलने दो जैसा कि जो करें अपनी निष्ठा ले लो और आप यह विश्वास कर लो कि आपके समय हर समय हमारे इष्ट की नजर है ऐसा नहीं है कि उनकी अनुमति के बिना आपको कोई थप्पड़ लगा सके ऐसा नहीं है किसी-किसी टीम की चाप सर्कल को तासु बढ़ रखवार रमापति जासू पक्का अगर आप पीट

रहे हो तो कोई मंगल विधान है पक्का पक्का बड़े सिर धो को पिटवा दिया आप चरित्र पढ़कर देखो माधव दास अखो जगन्नाथ पुरी में यह विस्तार उन्होंने एक लेफ्ट व उन्होंने दिया कभी ऐसी कोई लीला हमारे साथ हो सकती है हो सकती है तो हमें क्या करना है न होकर अगर देने रहेगी तो चुप रहो बोलो मत गुस्सा मत करो प्रतिकूलता मत करो अपने आप ही कलुषित हो जाएगा अगर यह जाओगे तो हर चीज को मेरे लिए मेरे लिए कितना कष्ट संतों को मिला चरित्र के देखो आप जाओगे उतारने भक्तों की स्थिति में को ना समझ नहीं आ रहा अयोध्या मे है कि संत उनको आग में डाल दे उनकी झोपड़ी में आग लगी आग को जला दे पर ऐसे सब दृश्य उड़िया बाबा को बहुत दुख हुआ था उन्होंने जब उन्होंने सुना और नाम ईश्वर उनका नहीं आ रहा है इस समय कि वह अयोध्या में रहते थे बाबा के पास सत्संग करने आया करते थे उन कभी भी ऐसी कोई भी लीला हो सकती है यह शरीर छूट ना कोई बड़ी बात नहीं एक बार छूटना ही है जिससे हरी चाहे हमें हरी की प्राप्ति सुनिश्चित होगी पर यह है बहुत कठिन जब कोई

प्रतिकूलता देता है तो यह सब यहीं छूट जाती है लगता है इसका मुंह बंद कर दो निरोध हम को परेशान करेगा नहीं आप मत करो परेशान नहीं करेगा वह तुम्हें प्रणाम करेगा तुम चुप रहना देख लेना सिस्टम उसको बदल देगा और जस्टिस सिस्टम उसको पर मिलेगा तो आप के प्रति जितनी प्रतिकूलता किन उससे हजार गुना बढ़कर जो इधर जाएगी ना उन्हें झेल पाएगा आप चुप रहो मालिक हिसाब करेगा और वैसे तो प्रार्थना अपने को यह करने की मालिक आप राजी होकर उसकी बुद्धि बदल दो उसको अपना भक्त बना लो इसको आनंद प्रदान करो कोई प्रतिकूल आचरण करें तो हमें सहना है ऐसा नियम ने है बहुत कठिन अगर टूट विद्या तो फिर ले लो फिर टूट जाए फिर ले लो एक दो भिड़ेंगे ही यारी ऐसी सहनशीलता दे देंगे तो

यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।

मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)

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