T-Shirt, माला झोली व अन्य वस्त्रों पर अगर भगवतनाम लिखा हो तो क्या हम उसे प्रयोग कर सकते है या नहीं ?
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
कि वस्त्रों पर राधा नाम लिखा हो तो क्या वस्त्र नहीं डालने चाहिए और हमारी श्रद्धा अलग-अलग श्रद्धा है सुविधा का स्वरूप हमारे आराध्य देव का नाम जैसे वस्त्र में राधा राधा लिखा है और जिस बाथरूम में आप लघु शंका करते हुए शीघ्र स्वस्थ का प्रक्षालन करेंगे तो मेरा इष्ट नाम उस वस्त्र में लिखा हुआ है और वही वहां जाए तो वहां पर मतलब मुझे नहीं था लगेगा हम अपने इष्ट के राधा नाम को विराजमान करके उसी का चरणामृत लेते हैं आदि भाव से आराधना करते एक बार ठाकुर घनश्याम
दास जी महाराज यह जो श्रीराम शर्मा जी के भाई है ना ओम राधा बाबा गीतावाटिका पैसे बैठे-बैठे रज में लिख दिया राधा पूजब उधर से निकली दृष्टि उनका ठाकुर क्या कर रहे हो तो कुछ नहीं ऐसे राधा नाम सुनने में लिख दिया एक भी रजु राधा नाम से युक्त हो गया है अगर उसमें पैर फालतू उपासक की दशा क्या होगी व बैठ गए एक सुझाव करके जब अपने चिले मिली और तुलसी जी की जड़ में जाकर से घिरे में ऊपर जो तुलसी जी लगे वहां डर और ठाकुर से का कभी ऐसे में लिखना तो हमारी भावना है कि जो हमारे आराध्य देव का नाम है हम्म उसको अपने हृदय में गुप्त रखें अपनी दिव्य में विराजमान रखे हैं अपने मानस पटल पर रख दें अब हम बाहर वस्त्रों में छपवाए नहीं हम तो झोली में भी जो नाम जप किया जाता है उस झोली में भी निश्चित करते हैं नाम नहीं आप कहीं भी धो करके अगर उसका वह जल हमारे लिए अगर कहीं झोली में नाम लिखा है या किसी को यमुनाजी में यहां के दो प्रमुख जी करुणामई है ठीक है लेकिन बाहर अपने बाथरूम में राधा नाम अंकित वस्त्र राधा नाम अंकित जो लिया यदि
ना धोएं ऐसे हमारी धारणा लुट हमारे आराध्य देव का नाम आराध्य देव से भी बढ़कर के हैं हमारे अलग-अलग पास क्या होता है हमारे हृदय में ऐसी धारणा है गुरू प्रताप से हमारे हृदय में ऐसा कि जो राधा नाम सिंहासन में विराजमान है वह राधा नाम जहां भी लिखा होगा वह वाला आराध्य स्थल होगा हमारी ग्रीवा झुकी होगी हम अब वृक्ष अंदर हम राधा राधा राधा लिखे अब हम इसे किचन नीचे पहले या लें पैरों के नीचे और आधुनिक पूरे में पैरों के नीचे हम इतने सवाल तो रखेंगे ना वस्त्र रूप में नियुक्त राष्ट्र की ओर से और वृंदावन में राधा नाम अंकित अगर ऐसा हो तो हमारे भावना में हमारे आराध्य देव के नाम से वस्त्रादि का चरणामृत ऐसा ना हो कि जो लोग करते हैं उसी बाथरूम में पैसा ही सब कुछ होता है
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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