॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
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विघ्नों से बचने के लिए किन 5 भक्तों का नाम जप करें ?

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श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।

पूरा प्रवचन

मानसी जी राधे राधे महाराज जी महाराज जी मुझे भक्ति मार्ग में जाना है कृपया मुझे उन पांच भक्तों के नाम बताएं जो हर रोज लेने हैं देखो भक्त सब समुद्र की कौन सी तरंग छोटी और कौन बड़े सब भगवान की तरंग है ना जो प्रिय लगे इसमें कहीं ऐसा भाव कोई बड़ा कोई छोटा तो अपराध भी लग सकता है हमारे भगवान आनंद समुद्र है और भक्त उस आनंद मुद्र की लहर जो भक्त का नाम प्रि लगे जिसके चरित्र प्रि लगे उसी का स्मरण कर लो भगवान के जैसे अनंत नाम है ऐसे अनंत भगवान के भक्त भी हो गए जो आपके परिचय में आते उनका नाम ले लीजिए उसमें अमुक का ही ले ऐसा नहीं है और वैसे भगवत रसिक जी जो नामावली भक्तों के लिए तो अपने रोज कीर्तन होता है श्रृंगार के बाद व नामावली ले लीजिए वो कीजिए या ु जी ने भक्त नामावली रची है वो ले लीजिए या प्रात स्मरणीय में कई श्लोक प्रल्हाद नारद पराशर पुंडरीक व्यास मरी सुख सोनक भीष्म दाल ब्यान रुकमा अर्जुन वशिष्ठ भीषण आदिन पुण्या निमानी परम भागवता स्मरामि वाल्मीकि सनका सनन तरुर व्यास वशिष्ठ भगुर जा बालि जमग कच्छ

जन को गर्ग अंगिरा गौतमा मान धाता रतु प्रणवे सगरो धन्य दिलीप नल पूण धर्म सुतो तिन कुवत मंगलम श्लोकों में प्रात स्मरणीय उसमें आता है या भक्तों के ऐसे ही श्री नागरी दस जी की जय श्री स्वामी हरिदास जी की जय श्री हरिवंश महाप्रभु की जय हरिराम व्यास जी की जय जितने संत महापुरुष आचार्य याद चैतन्य महाप्रभु की जय वल्लभाचार्य जी की जय निबार काचार्य जी की जय जितने याद आ जाए अहोभाग्य है उनमें कि ये विशेष है ऐसा नहीं मानना चाहिए क्योंकि भगवान का शालिग्राम का स्वरूप चाहे छोटा हो चाहे बड़ा हो चाहे हजारों वर्ष से पूज रहा हो चाहे आज विराजमान किया गया हो समान ही भगवत भाव होता है ऐसे भगवान के भक्त जो बाल है जो यवन है जो वृद्ध है जो अंतरध्यान हो गए भूत भविष्य लोक 14 में भए हुए हरि प्यारे भए होए हरि प्यारे तिन तिन सो व्यवहार हमारो अभिमान ते न्यारे चाहे गर्भस्थ भक्त हो चाहे बाह प्रगट भक्त हो चाहे अव्यक्त भक्त हो सबके चरणों में नमस्कार है है नहीं भक्त चरणों का नमस्कार करना समस्त विघ्नों का नाश करना होता है

किसी भी पांच महापुरुष के नाम याद कर ले

यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।

मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)

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