Ravi Kumar Dahiya और Deepak Punia को महाराज जी ने क्या करने को बोला ?
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
महाराज जी आप आप कुश्ती प्लेयर है दोनों मतलब विश्व लेवल की कुश्ती खेलते हैं और उसमें भारत को रजत पदक भी ओलंपिक में इन्होंने दिलाया आप आपने भी विश्व स्तरीय कुश्ती लेवल में भारत को पदक दिलाए महाराज जी हा बहुत ठीक है बस आचरण की पवित्रता सुरक्षित रखना जब अपनी लौकिक उन्नति होने लगे अपने चरित्र पर अंकुश कर ले प्रशासन कर चरित्रहीन व्यक्ति ज्यादा दिन टिकता नहीं है उसका यश उसकी महिमा उसका बल तो यह देह बल बौद्धिक बल से सुरक्षित रहे चरित्र हीनता नाने पावे ब विचार प्रवृत्ति न जागृत होने पावे और माता बहने जितनी भी है चाहे जितना नजदीक संघ हो पर जहां पाणी ग्रहण संस्कार हुआ है अगर गृहस्ती में है तो उसके अलावा फिर चत्र पावन रखना फिर कभी कोई तुम पर अंगुली नहीं उठा पाएगा तो अगर आप चरित्र हीनता करेंगे तो फिर आपका जीवन आगे चलकर के उन्नति से पतन में चला जाएगा और चरित्र पक्का तो फिर प्राया कुश्ती लड़ने वाले हनुमान जी को आदर्श मानते हैं नहीं मानते क्यों मानते हैं क्योंकि वह चरित्रवान है वो ब्रह्मचारी है और देखो
इसमें ब्रह्मचर्य बहुत काम करता है आप चाहे जितना बलिष्ठ भ भोजन पा लो अगर ब्रह्मचर्य हीन हो तो पछाड़ की ताकत नहीं रहेगी पछाड़ की ताकत ब्रह्मचर्य में होती है एक अद्भुत जोस होता है कि आप अपने से ड़ा वजन वाले को टांग सकते हैं ब्रह्मचर्य में ताकत होती है तो ब्रह्मचर्य उचित हमें नहीं कह रहे कि अखंड उचित ब्रह्मचर्य क्योंकि गृहस्ती में जाना है या गृहस्ती में हो पर पराई माता बहनों की तरफ के लिए तो बिल्कुल कसम खा लो वो तुम्हारे लिए जहर है इसलिए इस बात से बचे रहना चरित नता आने पाए और अपनी नियत संख्या का जो व्यायाम है वह बढ़ना चाहिए कम नहीं होना चाहिए जो हमारा मतलब हम 40 मिनट डंड लगाते हैं 40 मिनट बैठक लगाते हैं एक घंटा हम वर्जस करते हैं अलग से तो हमें वह सब करना है नित्य दिनचर्या में जो पहलवान प्रमाद युक्त हो गया अखाड़े में जाना तो थोड़ी तैयारी कर ली नहीं तो ऐसा व पहलवान नाम नहीं हो सकता प्रमाद नहीं आना चाहिए नी दिनचर्या फिट होनी चाहिए एक बार की हम तुम्हें घटना बताते हैं कुड़नीर्थम बाबा गए हुए थे
आप लोगों ने नाम नहीं सुना होगा क्योंकि इस समय वो संत भेष में रहते थे मथुरा के थे उनके गुरु जी साथ रहते थे एक झाम झोला पहने रहते थे नेत्र नीचे रखते थे और जब चलते थे तो कोई ना कोई ग्रंथ ऐसे सामने चाहे हनुमान चालीसा ही हो ऐसे रख के ऐसे चलते थे किसी को देखते नहीं थे जब वहां पहुंचे कुड़ने में तो ऐसे साधारण कपड़ों में पहलवान जब लंगोट प आता है तब असली स्वरूप दिखाई देता है नहीं तो ऐ तो उनको ऐसे समझ उस समय 00 इनाम लगाया गया हरिशंकर बाबा का 40 45 वर्ष पहले
की बात कह रहे हैं 0000 रपए पांच छह पहलवान गए ऐसे तो उनका पांच छह में पहले आप देख लो तो उन्होने कहा अगर इतने तुम में क्षमता नहीं थी तो अखाड़े में कैसे चढ़ गए ब इतना कहना था कि बाबा ऐसे पकड़ते थे और एक हाथ से मारते थे तो मुंह भरा गिरता था और ऐसे पकड़ के जब वस्त उठाया तो जानते हो कते बोल रहे थे कि अयोध्या का मथुरा का माना हुआ शेर इस समय दाढ रहा जिसको तो ब्रह्मचर्य का बाबा का वो प्रताप था ब्रह्मचर्य में बहुत ताकत है तुम लोग ब्रह्मचर्य पर थोड़ा ध्यान देना और पराई माता बहनों की तरफ देखना मत तो इस लोक में भी उन्नति होगी परलोक की भी उन्नति होगी ठीक है हमें बहुत अच्छा हमें वीर रस बहुत अच्छा लगता है हां हमारी किडनी खराब है ना नहीं हम 45 मिनट दंड बैठक मारते थे अच्छा आपको किडनी खराब लगते हैं हम हा तो ये ब्रह्मचर्य अगर आ जाए और संयम से व्यायाम किया जाए तो बड़ा ला लाइन सबको मेवा का प्रसाद दे और दुपट्टा देको खूब अच्छे से जीवन को चला ओलंपिक गेम होता है महाराज जी ओलंपिक गेम होता है जो विश्व स्तरीय का
सबसे ऐसा गेम होता है उसमें भारत को रजत पदक दिलाया आपने आत नहीं दिला था हां बहुत ठीक बहुत सुंदर मतलब आप समझो कहीं-कहीं खेले ही सही पर पूरा भारत आपके साथ है हार और जय आपके नाम पर होगी बोले भारत विजय हुआ भारत हुआ ना आप विजय हुए तो पूरा भारत हुआ भारत में हम सब हैं हम सबके गर्व हो आप हां अपनी दिनचर्या में मस्त रहो और संयम से रहो जैसा अभ्यास करोगे वैसे पुष्ट होते चले जाओगे अभ्यास बहुत बड़ी चीज है बहुत बड़ी चीज है अभ्यास में बहुत बड़ा दम है और हमारा अभ्यास और ब्रह्मचर्य अगर दोनों मिल जाए तो कुछ भी कर सकते हो आप सच्ची मानना ब्रह्मचर्य में अमोक शक्ति है पर ब्रह्मचर्य रोकना थोड़ा कठिन होता है नहीं हां वो जब अपने स्वरूप में आता है तो और को ललकार के परास्त कर सकते हो लेकिन उसको नहीं वो तुम्हे जरूर परास्त करे उस जगह अपने को संभाले काम क्रोध आदि लोभ आदि देखो कई ऐसे नवीन पहलवान उठते हैं और क्रोध को नहीं संभाल पाते तो ऐसी घटना कर देते हैं कि जेल में चले जाते जीवन बर्बाद हो जाता है तो क्रोध को भी
संभालो और काम को थोड़ा नाम जप करते हो आप बता रहे नाम जप जरूर करो यार मंत्रों में अक्षरों में पावर होता है राम जपो कृष्ण जपो हरि जपो राधा जपो नाम जप करो अपने आप पूरे विश्व का मंगल होगा जब हम नाम जप करते हैं तो सर्वे भवंति सुखना सर्वे संत निरामया इससे सबका कल्याण हो जाएगा सुमिर पवन सुत पावन नामो अपने बस कर राखे राम राम राम जप करके राम जी को अधीन कर लिया हनुमान जी ने आज से नाम जप करो ठीक है जो नाम प्रिय हो राम कृष्ण हरि राधा जो नाम प्रियो हो 10 मिनट
ही चाहे जपो जपो जरूर हमसे मित्रता की है हमारे पास आयो तो नाम जब ये तुम्हें बचाएगा ये तुम्हें क्रोध से बचाएगा गलत आचरण से बचाएगा क्या जपोगे आप और जी आशीवाद आप ही बता द देखो हम तो आशिक है राधा राधा राधा राधा राधा राधा 10 मिनट ही चाहे जपो आप 10 मिनट जपो धीरे धीरे बढ़ा लेना ठीक है राधे श्याम राधे धन्य
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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