॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
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क्या माँ-बाप भजन करेंगे तो बच्चों को भी भगवान मिल जाएंगे ?

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श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।

पूरा प्रवचन

शश कला साबू जी राधा वल्लभ श्री हरिवंश परम पूज्य महाराज जी आपके चरणों में कोटि कोटि वंदन महाराज जी आपके श्री मुख से सुना है कि एक बालक यदि सच्ची भक्ति करता है तो 21 पीढ़ियां तर जाती है तो महाराज जी यदि माता-पिता भक्ति करें तो बच्चों को भगवत प्राप्ति हो जाएगी बच्चे नाम जप नहीं करते या फिर बहुत कम जप करते हैं तो भगवत प्राप्ति हो जाए तो देखो दो चार माला जपना या दो चार बार तीर्थ आटन करना ये सब दान पुण्य सब इनका कोई कोई ज्यादा महत्व नहीं है हमारी दृष्टि में जो 21 पीढ़ियों वाली बात है वो भगवत साक्षात्कार करने पर है आवागमन से मुक्त जो महापुरुष है वो बिल्कुल सत्य है जो 21 पीढ़ियों का वर्णन बिल्कुल सत्य है भगवान की प्राप्ति उस वंश में किसी को भी हो जाए तो 21 पीढ़ियां तर जाएंगी चाहे वो बालक को हो जाए या पिता को हो जाए किसी को भी हो जाए पर भगवत प्राप्ति हो जाए ये दो चार माला या तीर्थ आटन या महाराज नृग का नाम सुना है क्या सुना है ब दान कर बहुत करते थे खूब स्वर्ण से सजा के और ब्राह्मणों को पूरा

मकान और ब्याह सब व्यवस्था करते और एक गाय जो दान नहीं लेता था ऐसे ब्राह्मण की गाय किसी तरह उनके गौशाला में पहुंच गई और वो किसी ब्राह्मण को दान कर दी और वो दान लेकर जब जा रहे थे तो जो ब्राह्मण की गाय थी जिसकी गौशाला में चली गई उसने कहाय गाय तो मेरी है तो उसने कहा यह गाय तो अभी महाराज नृग ने दी है तो दोनों महाराज नृग के पास आए जिसको दी थी उसने कहा महाराज नृग आपने हमें दी बोले हां दिया तो बोले जिसकी गाय थी उसने कहाय मेरी गाय है तो उ कहा मुझे इसका पता

नहीं क्योंकि बड़ी गौशाला है आपकी छूट के गाय आ गई होगी तो हमने जिसको दान की है इसको ले जाने दो 1000 गवे ले लो उन्होने कहा हमने कभी दान लिया नहीं हम तो अपनी गाय लेंगे और वो ब्राह्मण हठ हठी जिसने दान लिया था उने कहा हम लेंगे तो यही गाय लेंगे नहीं तो हम नहीं उनका 1000 गाय तुम ले लो छोड़ दोय गाय नहीं छोड़ा ब इतने अपराध का फल हुआ कि व गिरगिट बने जाके द्वारिका के कुएं में गिरगिट बने जाके हमें लगता है कि दान पुण्य जितने सब हैं भगवान को समर्पित करके भजन ना किया जाए अगर तो इनमें इतनी सामर्थ्य नहीं है कि हमारा काम बन जाए यह तो कहो बहुत से ऐसे सत्कर्म हुए कि द्वारिका के कुएं में बने तो भगवान श्री कृष्ण ने उनका उद्धार किया तो हमें लगता है कि भगवान का नाम जप करते हुए जब हमारे को भगवत प्राप्ति हो जाए पक्का फिर तो क्या है फिर तो 21 पीढ़ियां तरना कोई बड़ी बात है अरे वैसे भी देखो सरकारी आदमी के परिवार को सुविधा देती हमारी भारत सरकार के लिए देती तो वो तो अखिल सरकार है यह सुविधा है एक भगवत प्राप्त हो जाए

तो 21 पीढ़ियां भगवत प्राप्त हो जाएंगी कल्याण उनका हो जाएगा ये तो पक्का है तो करो डट के भजन इतना कि भगवान का साक्षात्कार हो जाए पर पर यह बहुत कठिन है खिलवाड़ नहीं है सब भोगों का विस्मरण करके जब निरंतर भगवत स्मृति भगवत स्मृति में देखो आप लोग सब बैठे हो कितनी देर भगवान में टिकते हो मिनट टिकना कठिन हो जाएगा देखो ना भगवान में टिकना वो फौरन विषय में भाग जाएगा मन फौरन संसार के च वो मन भगवान में आसक्त हो जाए आसक्त हो गया मन पंग हो गया भगवान की रूप माधुरी

में लीला माधुरी में चिंतन में अब ऐसे महा भागवत से तुम 21 पीढ़ी की बात करे हो भगवान कह रहे मम भक्ति युक्त भुवन पुना तो यदि मेरा ऐसा महा भागवत प्रेमी भक्त संकल्प कर ले तो पूरे भुवन का भुवन लोक का लोक भगवत प्राप्त हो जाए लोक मम भक्ति युक्त भुवन पुना देवसी नारद जी ने कहा सा तरतील सा लोकान तारत वो स्वयं तर जाता है स्वयं तर जाता है वो लोकों को तार देता है पर कठिन है भगवत प्राप्ति भगवत प्राप्ति कठिन निरंतर भजन करना भोगों का त्याग करके अन्य कोई स्मरण ना रहना केवल भगवान का स्मरण रहना यह बहुत वर्षों के अभ्यास से भगवान की कृपा से होता है नहीं देख लो एक मिनट भगवान में नहीं टिक सकते कितना कठिन है सबसे बड़ा विश्व का कठिन काम है भजन लोग कह माला घुमाने में क्या है आओ बैठो हम जैसे कह रहे वैसे माला घुमा के दिखाओ सामने राधाना नाम लिखो अपने दिमाग में और आंख से उसी को देखते रहो और कान से उसी को सुनो और अंदर से वही बोलो और हर एक मन का उतना ही सकले जितना राधा बोला अभी देखो तुम्हारा मन कहेगा यह माला रखा है और

भागेगा संसार में लगा के देखो सबसे कठिन काम दुनिया का मन को संसार से हटाकर भगवान में लगाना सबसे कठिन काम आप बताओ है ना कठिन काम सबसे कठिन काम है मन को भोगों से हटाकर में लगाना भोगों में लगाओ तीन घंटे फिल्म चला लो बिल्कुल आनंद से बैठे रहोगे कोई परेशानी नहीं रहेगी और तीन घंटे कमरा बंद करके माला लो देख लो कितनी बार आपको खड़ा कर देगा कितनी बार खिड़की से झक वाएगा कितनी बार क्या-क्या सोच आएगा आप देखो ना तो यह मन को भगवान में लगाना सबसे और भगवत प्राप्ति तो फिर गुरु कृपा इष्ट कृपा निरंतर भजन इससे हो जाता है जी

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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)

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