सोचा था फौज से RETIREMENT के बाद आराम से सुबह उठूँगा और मौज से जीऊँगा, पर अब डर लग रहा है !
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
कर्मवीर जी आगरा से गुरुदेव आपके चरणों में साष्टांग प्रणाम गुरुदेव अभी पिछले साल फौज से सेवा नृत लेकर आया हूं सोचा था अब आराम से सुबह सोकर उठूंगा और अपनी जिंदगी मौत से जिऊंगा पर छ सात महीने पहले आपकी ग्रिफ में आ गया और आपको अपना गुरु मान लिया आपकी कृपा से श्री जी के चरणों की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहा हूं पर अभी अंदर बहुत कमियां देख रहा हूं अभी गुरुदेव मन में बहुत डर लग गया है कि जल्दी से कमियां दूर नहीं हुई तो क्या होगा हां ये बहुत कृपा है आपके ऊपर सच्ची पूछो तो राष्ट्र सेवा का फल मिला नहीं यह जो अंदर भावना कि अब मौज मस्ती करेंगे यह कोई जीवन नहीं है मनुष्य जीवन इसके लिए नहीं मिला मनुष्य जीवन मिला लड़ने के लिए पूरा जीवन लड़ो और विजय प्राप्त करो देखो अब आपकी असली लड़ाई शुरू हुई है काम क्रोध लोभ मोह मद मत्सर बाहर के शत्रुओं को तो गोली से आप गिरा सकते हो लेकिन अपने शत्रुओं को गोली नहीं मार स सते काम को क्रोध को लोभ को मोह को इच्छाओं को आप अपने नहीं मार और इच्छाओं को नहीं मारा तो उनके गुलाम
हो कि नहीं विचार करो अभी आप स्वतंत्र नहीं हुए स्वतंत्र तब माने जाओगे जब काम क्रोध लोभ मोह मद मत्सर इनको रौंद डालो इंद्रिया मन तुम्हारे अधीन हो तब तुम स्वतंत्र हुए तब आप स्वतंत्र अपने इस देश के स्वतंत्र अभी स्वतंत्र नहीं इस देश के इस देश के गुलाम हो आप मन के गुलाम इंद्रियों के गुलाम काम के गुलाम क्रोध के गुलाम लोभ के गुलाम मोह के अहंकार के गुलाम है कि नहीं आप देखो विचार कर इससे जब तक हम मुक्त नहीं होंगे तब तक मानव देह का लक्ष्य हम नहीं प्राप्त कर पाए इसलिए बड़े भाग्यशाली हो जो सत्संग सुनने को मिला आप खूब नाम जप करो और दूसरी बात डरो मत थोड़ा डरना तो अच्छा है पर ज्यादा डर जाने में फिर घबराहट में साधना भी नहीं होगी अगर हम अभी राधा बोल रहे हैं और अभी हमारे प्राण निकल गए तो अभी भगवत प्राप्ति हो जाएगी हम कमजोर हैं हमारे अंदर सारे विकार हैं पर अभी हम राधा राधा राधा बोल रहे हैं तो उसको भगवत प्राप्ति हो जाएगी जैसे घोर वैश्या गामी व्यभिचारी था ना अजामिल और अपने पुत्र को पुकारा नारायण और अंतिम समय
था तो भगवत प्राप्ति हो गई ना तो इसीलिए हम कहते हैं हर समय राधा राधा राधा राधा कहो तो जिस समय आपका प्राण छूटेगा अगर राधा निकल गया तो भगवत प्राप्ति हो गई तो आप चिंता मत करो और नाम जप करोगे तो आप धीरे-धीरे ठीक होते चले जाओगे अंदर से ठीक होते चले जाओगे और क बजे उठते हो सुबह कभी जल्दी उठ जाता हूं गुरुदेव कभी ड़ नहीं वैसे क बजे लगभग कभी 4:00 बजे भी उठ जाता हूं कभी 5:00 बजे कभी 7:00 बजे नहीं उसे एक नियम बना लो आज हमसे मिलन हुआ है तो एक नियम बना लो अलार्म लगा लो घंटी का 4:00 बजे उठ जाया करो आप 4:00 बजे उठते हो और हम 12:00 बजे उठते हैं और 800 बजे सन करते हैं 8 बजे सन करते हैं 9 10 11 12 12 से 1 बजे तक बैठना और इसके बाद फिर सोच स्नान और दो बजे रोड पर आ जाना और अभी देखो हमारी ड्यूटी चल रही 9:30 10 बजे तक ड्यूटी चलेगी हमारी फिर जाकर कुछ प्रसाद पाना तो आपको तो शरीर स्वस्थ है भगवान ने लिए तो अगर आप 10 बजे सो जाओ 11 12 एक दो तीन चार छ घंटे होते हैं छ घंटे बहुत सोना होता है क्यों 4 बजे का नियम ले
लो और इसके बाद जो है बैठकर भजन की मत सोचो टहलने टहलने टहलते हुए भजन नहीं सो जाओगे फिर बैठकर भजन हो घड़ी में देखोगे 6:00 बज गए 7:00 बज गए ऐसे होता है अभ्यास ले है ना तो जहां बढ़िया चदर ड़ कर के जहा ऐसे बैठे ना तो बैठे बैठे सो जाओगे तो टहले थोड़ा व्यायाम करें थोड़ा उसे व्यायाम करना चाहिए करते तो नहीं हो आप नहीं कर आप फिर ये शरीर बेकार हो जाएगा अब जैसे आपका शरीर जो है ना इसको व्यायाम की जरूरत है थोड़ा-थोड़ा अभ्यास और दो चार किलोमीटर दौड़ी आप आर्मी में रहे हो अगर दौड़ भाग नहीं करेंगे तो आपका शरीर गड़बड़ हो जाएगा आप अपनी वही फौज वाली सिस्टम रखिए शरीर के लिए दो चार किलोमीटर तो दौड़ सुबह आप देखिए फिर कैसा जब शरीर स्वस्थ रहेगा ना ताजी हवा तो भजन में भी मन लगेगा और सत्संग सुनिए और हर समय नाम जप का अभ्यास जब दौड़ रहे तो उस समय भी अंदर राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा ठीक है ठाकुर जी घर में विराजमान है कि नहीं हां तो उनकी सेवा कीजिए समय-समय पर उनको भोग लगाइए उनकी आरती कीजिए उनको पद सुनाइए उनको
भागवत सुनाइए रामायण सुनाइए सुनाते हो कुछ पद नहीं सुनाता हूं रामायण सुनाते हो भोग लगाता हूं लेकिन थोड़ा तो सुनाओ उनको उनकी कथा सुनाओ उन्हीं को तो जैसे राजा महाराजा के सामने उसका जस गावे ना तो प्रसन्न होकर के तो ऐसे वो प्रसन्न हो जाएंगे हम पर उनका यश सुनाए भागवत के एक अध्याय रोज सुनाओ रामायण की 10 पांच चौपाइयां सुना दो क्रम बाय क्रम ऐसे नियम बना लो नियम पूर्वक जीवन व्यतीत करो भगवान ने जब तुमको पेंशन दे दी है नहीं और अगर अपना काम चलाना चाहे तो नमक रोटी से चैन से खा पी के आराम से जिया जा सकता है आखिरकार मरना तो है ही तो अब हमको वह कमाई करनी चाहिए जो मरने के बाद हमारे साथ चले यहां तो सब यही रह जाएगी तो इसलिए नाम जप करो एक अध्याय भागवत का सुनाओ ठाकुर जी को थोड़ी देर रामायण सुनाओ चाहे दो भाग में सुबह भागवत सुना दिया शाम का रामायण सुना दिया और नाम जप करो और अच्छे कार्य करो और मेहनत करो बैठो म चाहे ना कुछ हो तो दो चार बीघा खेती खरीद लो थोड़ा उनसे मेहनत करो खेती तो होगी हां जरूर करो ये आलस्य
प्रमाण यह शरीर तुम नहीं हो भैया इसको ज्यादा भी मोटापा बढ़ा लोगे तो उठना बैठना परेशानी कर देगा यह तुम नहीं हो इसको और कसो अब अगली बार आओ तो कम से कम 5 किलो वजन कम करके आओ ठीक है हां स्वस्थ रहो आर्मी का आदमी वैसे दिखाई देना चाहिए बूढ़ा होने तक जय हिंद बोले तो बिल्कुल लगे कि भारत का सैनिक रहा है तो थोड़ा व्यायाम भी करो ठीक है पता लगा मराज जी दो तीन साल में पहुंचे पा किलो कम करने में नहीं पा किलो कम करना ज्यादा नहीं है अगर ये उचित भोजन करें तो हम उसे
महीना दो महीना का चांस रखते हैं कि महीना दो महीना में आ जाना चाहिए तो दो महीना में पाच किलो कम हो जाएगा अगर ये कम भोजन करें और रोज दो-तीन किलोमीटर दौड़ लगावे तो चकि आर्मी के हैं ज्यादा फालतू है नहीं पाच किलो बते वो फालतू होगा हो जाएगा हो जाता है हम तो ऐसे कह दिया धीरे धीरे कम कर लो धीरे कम कर लो ले हां ऐसे
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- स्वर्ग में वो कौन-सा सुख है, जो धरती पर भी नहीं है? — पारस कोहली जी नई दिल्ली से राधे राधे महाराज जी आपके चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम महाराज जी सुख और दुख एक ही गाड़ी के दो पहिए हैं। मेरा प्रश्न यह है कि वह कौन सा सुख स्वर्ग में है…
- एकांतिक वार्तालाप एवं दर्शन #1401 — विक्रम पांडे जी मिर्जापुर से श्री हरिवंश महाराज जी राधावल्लभ श्री हरिवंश महाराज जी आपके चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम महाराज जी आपका सत्संग सुनता हूं और कृपा का अनुभव है महाराज जी…
- संत भगवान के प्रश्न पर महाराज जी ने साधना जीवन के लिए क्या उपदेश दिया? — महाराज जी कुछ हम लोगों को आप बता दें कि जैसे साधना जीवन में क्या कैसे कुछ भी आप अपने मुखारविंद से कुछ सब बातों की केवल एक ही बात है ना विषय चिंतन होने पावे ना विषय क्रिया बस…
- परिवार में नकारात्मकता व कलह हो तो क्या करें? — एसवी चतुर्वेदी जी दिल्ली से राधे-राधे राधे-राधे महाराज जी महाराज जी परिवार में नकारात्मकता हो घर में कलह हो रही हो गृह युद्ध जैसी परिस्थिति बन रही हो तो अध्यात्म के रास्ते पर…
- एकांतिक वार्तालाप एवं दर्शन #1400 — संजीव मुखर्जी शेयर इवें राधे-राधे महाराज आईआईटी धनबाद से महाराज जी कृपया मुझे बताइए कि मैं कैसे कम बोलूं अधिक सुनूं बोलते समय नरम रहूं दूसरों को अपनी बात रखने का मौका दूं फिर…
- भगवत् मार्ग पर चलना चाहते हैं, पर हर दिन असफल हो रहे हैं। — आस्था बोरा जी जयपुर से श्री हरिवंश महाराज राधे-राधे महाराज जी 2 साल पहले जब आपको सुनना शुरू किया तो जानना हुआ कि हम कितना अज्ञानता और अंधकार में जीवन जी रहे हैं। आपको सुनने से यह…