॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
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प्रश्नकर्ता ने ऐसा क्यों कहा कि यह 3 लोग मुझे यहाँ जबरदस्ती पकड़ कर लाए हैं ?

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श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।

पूरा प्रवचन

मरासी नशे की बात आई तो हम आपको एक चीज बताना चाहते हैं जी आप हमारे चैनल के स्टेट हेड है जी और वो पीछे बैठे पत्रकार है चैनल के ये भी पत्रकार है ये तीनों लोग हमको पकड़ के लाए यहां तमाकू छुड़वाने अच्छा तीनों लोग बॉस है मेरे अच्छा और तीनों लोग का क्योंकि बात हुई थी तो हमने ये कहा था कि प्रेमानंद महाराज जी का एक आंति में मेरे को ले चलिए और अगर वहां हमने छोड़ दिया महाराज मैं जीवन में गुटका मसाला कुछ नहीं खा महाराज इसकी प्लानिंग एक साल से चल रही थी साल बाद मेरी घेरा बंदी की जाती रही मेरी पत्नी भी लोगों के साथ हो गई छुड़ा के लाओ इनको ले जा तो आज आप छोड़ने आए महाराज जी चप्रा चले जाए आपकी बात है हमरी बात नहीं है ये दुपट्टा प तुम्हारा स्वागत है और आज के बाद ये वचन दो कि मैं बसन नहीं करूंगा नहीं करू क नहीं कर बिल्कुल बकुल नहीं भगवान सामर्थ्य भी देते हैं भगवान साम बिल्कुल बय देखि महान लोग है जो आपको गलत मार्ग से इनको भरोसा है सर महाराज अगर यहां हो गया प्राण चले जाए खाएगा नहीं हा नहीं बिल्कुल आप मत

खाना नहीं हमारी बेइज्जती करवा देग प्राण चले जाए चाहे ये स्थिति बन जाए सर फट जाए नहीं ऐसा नहीं ऐसा कुछ नहीं हो ऐसा कुछ नहीं होगा हम भगवान के अभिनाशी बच्चे हम जो चाहे व कर सकते हैं ये गलत विषण ने हमको फसा करके कमजोर कर दिया है हम इनको छोड़ कर के महान बन सकते हैं ऐसा नहीं कि सर फट जाएगा कुछ नहीं होता दो चार दिन तलब लगती है इसके बाद ठीक लौंग लेते रहना जब तंबाकू मसाला का मन करे तो लौंग इलायची ये पवित्र वस्तु है महाराज जी आपका चेहरा याद करेंगे जब भी तलब लगेगी चलो हम तो श्री जी से प्रार्थना करते हैं यह जो जो लोग परिवर्तित हो रहे हैं जो लोगों को आनंद की अनुभूति हो रही य हमारे द्वारा नहीं हो ही हमारे प्रभु के द्वारा हो रही हम तो एक निमित्त मात्र है करने वाले तो प्रभु है आप महाराज बहुत बड़ा निमित्त है इस समय हम आपको बता हम कह रहे ये लोग महान हमसे ज्यादा बिल्कुल पकड़ के लाए घेराबंदी करके लाए चाहे जैसे भी हो कांतिक मिले जाना क्योंकि इसका नशा छोड़ नहीं बिल्कुल महाराज जी हम लोग शासन में रहते हैं सर

हम आईपीएस देखते हैं हम आईएस देखते हैं शासन में वहां सत्ता में बैठ कितने लोग महाराज जी आपको कल्पना नहीं है मैं बौद्धिक स्तर जो बड़ा इंटेलेक्चुअल कहते हैं अपने आप को पूरा प्रदेश चला रहे हैं जी नौकर साह है जी वो सब महाराज जी आपके शिष्य है और मनोभाव से हो सकता है कभी आपके पास कभी नहीं आएंगे आपके पास बकुल बक वो आपके परम भक्त जी महाराज जी हम लोग शासकीय पत्रकार है हमारे सहयोगी है हम महाराज कैमरा पक के ला एक आख से दुनिया देखते ब्र शासन के तमाम आईस आईपीएस

आपके दर्शन के लिए तड़पते हैं रोज हमसे चर्चा करते हैं जी और चाहते हुए भी आते जी जी नहीं जब श्री श्री जी कृपा करेंगे ना तभी संत समागम होता है बिन सत्संग विवेक न होई राम कृपा बिन सुलभ न सोई भगवान जब कृपा करते हैं तो हमारा आपका सहयोग होता है महाराज जी छोटा सवाल है बतौर पत्रकार जब मैं इंटरव्यू करता हूं सरकार के मंत्रियों से तो सरकार के खिलाफ जाकर सवाल नहीं पूछ पाता हूं इसके लिए क्या करूं इसमें हम नहीं इसमें एक बात हम आपसे कहते हैं कि आप सामने पदाधिकारी ना देखें अगर पद देखेंगे तो आप कमजोर हो जाएंगे अगर सामने आप आप स्वयं प्रश्न करता और आपका अधिकार है प्रश्न करने का और उनको उत्तर देना ही पड़ेगा बस आप केवल उत्तर देने वाला व्यक्ति देखिए उस समय आप किस पदाधिकारी से बात कर रहे हैं उसके पद की गरिमा को देख करके तो फिर आप प्रश्न नहीं कर सकते क्योंकि आप डरेंगे प्रश्न करते आप पूरे भारत की तरफ से प्रश्न करते हैं जब किसी अधिकारी से प्रश्न करते हैं तो उस समय व एक व्यक्ति होता है जो भारतीय सेवा विधान

में पद पर बैठा हुआ है और आप संपूर्ण भारत के व्यक्तियों की तरफ से व्यक्तित्व से प्रश्न करते हैं जिससे सबको संतुष्ट होती आपने ऐसा किया तो ऐसा क्यों किया अब वो उत्तर अपने लिए थोड़ी ले रहे हैं वो उत्तर पूरे भारत के लिए ले रहे हैं तो पूरे भारत की ताकत आपके साथ है वह व्यक्ति भारत की सेवा का पदाधिकारी है लेकिन आप जिनकी भारत की व सेवा करेगा आप उनके सानिध्य से उनके जन बन कर के बोल रहे हैं तो आपके पास बहुत बड़ी हिम्मत होनी चाहिए और सामने व्यक्ति है पदाधिकारी नहीं उसको उत्तर देना होगा तो फिर आप प्रश्न कर सकते हो आपको डरने की जरूरत नहीं है बहुत मृदुल शब्दों से और बहुत पक्की जानकारी से कोई भी चीज प्रश्न करो तो आपके पास प्रमाण होना चाहिए मान लो किसी भी बात का प्रश्न तो आपके प्रश्न की दम होनी चाहिए ऐसा नहीं होना चाहिए कि प्रश्न में कहीं भी चूक हो प्रश्न है प्रमाणित है आपने किया तो क्यों किया अक्सर मैं कोशिश करता हूं कि सत्य और तथ्य के साथ ही सवाल हां बिल्कुल बिल्कुल ये आज से भूल जाओ कि सामने कौन

है आप भारत की तरफ से पूरा भारत प्रश्न कर रहा है मानो आप प्रश्न कर रहे हो मानो पूरा भारत प्रश्न कर रहा है और पूरा भारत सुनेगा तो आपको एक व्यक्ति से है जो भारत का सेवक है हमारे भारत में कोई ऐसा पद नहीं जो स्वामी वाला पद हो है कोई पद राष्ट्रपति से लेकर के और एक साधारण सेवक तक पूरे भारत की सेवा करेगा राष्ट्रपति की भी स्वामी स्वामित्व पद है लेकिन भारत की सेवा सब भारत की सेवा को लेकर पद है है नहीं तो आप एक भारत से सेवक भारत के सेवक से प्रश्न कर रहे हैं

और भारत की पूरी जनता आपके साथ है तो आपको डरना नहीं चाहिए बहुत मृद शब्द हो शब्दों काए बातें हाथी पाइए और बातें हाथी पाव बात में ही हाथी के ऊपर बैठा दिया जाएगा बात में हाथी के नीचे गिरा दिया जाएगा तो हमारी जो बात हो बड़ी सम्मान ब और तथ्य के साथ जब हम बोलेंगे तो जो अब ये तो आंख से देख ही रहे हैं उसमें अब वो जैसे ही हरकत करेगा पूरा सब जी

यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।

मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)

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