Cricketer Rahul Tewatia ने जब पूछा खुद और अपने बच्चे को भगवान के मार्ग में कैसे चलाएं ?
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
राहुल तेवतिया जी रिद्धि तेवतिया जीे राधे राधे राधे महाराज जी महाराज जी खुद को और अपने बच्चों को भगवत मार्ग में प्रारंभ और कैसे चले महाराज जी पांच बातें स्वीकार कर लो पहला सुमिरन किसी भी एक नाम का सुमिरन दूसरा सेवा माता-पिता की सेवा गुरु की सेवा भगवान की सेवा परिवार की सेवा पशु पक्षियों की सेवा सुमिरन सेवा तीसरा स्वाध्याय गीता जी भागवत जी या और महापुरुषों के वचनों का रोज नियम पूर्वक स्वाध्याय करना और सेवा सुमिरन स्वाध्याय सत्संग किसी किसी एक संत महापुरुष का जिससे तुम्हारा मन मिलता हो चाहे 30 मिनट ही सही रोज उनका सत्संग सुनो आजकल तो यंत्र भगवान की बड़ी कृपा हो गई नहीं जाक सत्संग सुनना पड़ता अब तो आप अमेरिका से भी सत्संग सुन सकते हैं मोबाइल में ऐसा सिस्टम है कहीं से भी सुन सकते हैं सत्संग और फिर समाधि समाधि का मतलब है एक घंटा कम से कम ऐसा समय देना चाहिए जिसमें हम कुछ ना करें शांत बैठ जाए एक मात्र केवल चिंतन नाम का रख ले बार-बार जहां मन जाए हटा कर के नाम को लिखा हुआ ध्यान पूर्वक क्योंकि अभी
अव्यक्त में चित्त जोड़ पाने की सामर्थ्य नहीं है स्वरूप में और परमात्मा के रूप का भी प्रकाश नहीं है तो नाम जैसे राधा अब हम राधा आंख खोल कर देखें आंख मंद के देखें शांत ब बारबार मन को हटा के राधा में अगर हम 10 मिनट से शुरू करें तो हमें शांति प्राप्त होने लगेगी जब हम स्वाध्याय करें तो अपने बच्चे को बैठा ले परिवार के जितने आपके अनुकूल हो वो बैठ करके सुने जैसे भागवत सुना रहे हो श्लोक अर्थ सहित गीता जी सुना रहे हो अर्थ सहित सुमिरन करने का उनको पा मिनट का छोटे-छोटे बच्चों को हम नाश्ता बना रहे तुम पाच मिनट ताली बजा के राधा राधा बोलो अब वो राधा राधा बोल क्योंकि आप संस्कार डाल रहे हो माता-पिता के चरण छूना माता-पिता से सभ्यता से बात करना उनको अभी संस्कार डालो जब गीता और भागवत सुनाओ समझ में चाहे भले नावे लेकिन उनके ऊपर प्रभाव पड़ने लगेगा यह सत वाक्य है सत्य वाक्य अपना प्रभाव दिखा कर के ही रहते हैं और जब आप सुमिरन करोगे तो आप जब संकल्प करोगे कि मेरे बच्चे भागवती बने अच्छे बने तो उसका प्रभाव पड़ेगा तो
सुमिरन सेवा सत्संग स्वाध्याय समाधि सकार पांच सकार अगर यह पांच साधन स्वीकार कर लो तो भगवत प्राप्त हो जाओगे आप भी आपके बच्चे भी धीरे-धीरे उनमें संस्कार डालिए सुमिरन कैसा कैसा सुमिरन होना चाहिए रसखान गोविंद य भजिए जो नागर को चित गागर में जैसे यहां ब्रज की जो युवतियां है गांव के बाहर कुआ से पानी लाती हैं तो एक हाथ में रस्सी बाल्टी एक हाथ में मटकी और तीन मटकी ऊपर रखी और आपस में बातचीत कर रहे लेकिन पूरी चित्तवृत्ति कि अगर बैलेंस बिगड़ा तो मटकी गिरगी रसखान जी कहते हैं रसखान गोविंद यूं भजिए जो नागर को चित गागर में एकाग्रता भगवान के चिंतन में और कार्य संसार के हो तो बहुत बढ़िया भजन होने लगे लोगों को भजन का मतलब समझ में आता है कि आसन में बैठ के माला चलाना है नहीं फावड़ा चलाना भी भजन है राम या राधा कृष्ण और फावड़े में बोल रहे जैसे माला में बाबा जी बोल रहे फावड़े में बोल र बढ़िया भजन है भजन को समझना होगा अब हर समय कंप्यूटर में थोड़ी बैठे रहते हो मान लो उसे खाली हो राधा राधा एक घंटा जो हमने किया
काद वो भगवान को समर्पित कर दिया तो सेवा सुमिरन स्वाध्याय सत्संग और समाध ये पांच किसी को भी भगवत प्राप्ति करा सकते हैं ब क्रम बाय क्रम इन्हीं का अभ्यास करता रहे सुमिरन तो 24 घंटे का सेवा जितना बन सके माता पिता परिवार पशु पक्षी भारत के जितने भी जितनी सेवा बन जाए मान लो आप कोई ना कोई नौकरी तो कर ही रहे होंगे मर जीी कह रहे हैं कि ये भारतीय क्रिकेट खेलते हैं हां तो ये भी तो सेवा है ना पूरा भारत का नाम जुड़ जाता है अगर हार गया तो भारत हार गया नहीं अगर क्रिकेट में हम हमारा भारतीय टीम जीत गई तो भारत जीत गया कहा जाता है ना पूरा पूरा समुदाय की सेवा हो गई हमारे भारतवासी पुलक उठते हैं जब जीत जाते हैं नहीं नाचते हैं और और भी उत्सव मनाते हैं जैसे दीपावली को उत्सव मनाते ऐसे मनाते हैं जब क्रिकेट जीत जाते तो मतलब आप हमारे देश के जुड़े हुए हैं पूरा खेल हमारे देश से जुड़ा हुआ है तो आप अपने अभ्यास में रहिए नाम जप कीजिए संयम से रहिए जिससे भारत विजय को प्राप्त हो
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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