महाराज जी ने क्यों लगाई डांट ? पहले की किन गलतियों के कारण मरने का ख्याल आता है ?
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
महाराज जी ये दोनों का एक जैसा ही प्रश्न था इसलिए ये कह रहे हैं कि पहले गलतियां हुई पाप कर्म हु उसके बाद आत्मविश्वास और आत्मबल इतना नष्ट हो गया कि मरने का ख्याल आता है महाराज जी मतलब थोड़ा उत्साह दूसरे को आप और आप दोनों है हमारे जी अलग-अलग प्रश्न है बट एक जैसे थे हां नहीं हम पहले पूछना चाहते हैं मरने के बाद फाइव स्टार होटल में चले जाओगे क्या इसके बाद भी तो सोचो ना मरने के बाद क्या होगा मरने के बाद ये जो मृत्यु की स्वयं में जानबूझकर इसका पाप तुम्हारी दुर्गति कर डालेगा आप बहुत बुरा पाप है इसके बाद जो प्रेत योनि मिलती है भटकता रहता है ना जल पी सकता है ना भोजन तड़पता रहता है कभी कोई संत महात्मा से टक्कर हो गई तो कल्याण हो गया नहीं कितने युगों ततक तड़पना पड़ता है मूर्खता कभी मत करना मरने के बाद कोई फाइव स्टार होटल छोड़ी कि आओ सर क्या मरना समस्याओं का समाधान है क्या क्यों भाई किसका आपका आपका भी ऐसा आप हमें बताइए क्या मरना समस्याओं का समाधान है क्या संसार का मार्ग और बहुत बड़ा है वीर साहसी
बनकर आगे बन के ईश्वर भाई वो तेरे सामने घुटने टेक दे तब तो मनुष्य जीवन सार्थक पशु की तरह जीवन व्यतीत करने वाले अब हम सफल नहीं हो रहे तो आप तो वहां तुम्हारे लिए व्यवस्था थोड़ी रखिए दुर्गति को प्राप्त हो गई मनुष्य जीवन हर समय निराशा नहीं रखना चाहिए आशा में जीना चाहिए आज हमारे पास अव्यवस्था है कल व्यवस्था चरण चूमेगी हम सत्य से चलेंगे धर्म से चलेंगे भजन कर लो हम कह पत्नी छोड़ दिए परिवार छोड़ दिए मैं अकेला हूं तो मैं भगवान का भजन करके ऐसा तप करूंगा कि जिसको चाह झुका लू अपने भजन में कितनी बड़ी ताकत है मरना ही है ना तो लगा लंगोटी मरना है तो ऐसा मर के अमर हो जा मरने जैसा दुखना चाहता ना लगा लंगोटी और दो रोटी मांग के खा रात दिन भजन कर देख पूरे विश्व को हिलाने दे तो गए पूरे विश्व को झुकाने की ताकत आ जाएगी तू भगवान का अंश है और किस तरह से अपने शरीर को नष्ट कर रहा है क्या व्यवस्था मि बोले हमसे प्यार नहीं करते रेल के आगे कट जा क्या उससे तेरे को लाभ मिलेगा अरे वो प्यार नहीं करता है ऐसे चल कि तुझे खुद
संसार प्यार करने लगे खुद संसार झुकने लगे तेरे आगे वो आजकल सब मूर्खता छाई इसलिए कह रहे सत्संग सुनो नाम जप करो हर जगह सफलता नहीं मिलती हर जगह असफलता नहीं मिलती सफलता और असफलता हमारे जीवन में ऐसे है जैसे दिन और रात अगर सफलता आई तो फूलो मत असफलता आने वाली है असफलता आई तो निराश मत हो सफलता आने वाली है यह हाथ करना कोई हमारे लिए समस्या का समाधान नहीं है मरने के बाद जीवन बड़ा दुर्गति पूर्ण होता है इसलिए भोग लो जो दुख सुख आवे भगवान का नाम जप करो नाम जप करते हो कभी कभी होता है महाराज जी फिर नहीं हो पाता है क्या चिंतन करते हो नहीं तुम्हारा दिमाग बता रहा है कि तुम डिप्रेशन की तरफ जा रहे हो लिखा है हमाने लिखा है कि डिप्रेशन हो रहा है हा वो तो दिमाग बता रहा है तुम तुम्हा आंखे जब मिला के देख रहे हैं तो गड़बड़ नजर आ रहा है क्या बोझा तुम्हारे पास है क्या बोझा है मेरा मन पता नहीं महाराज जी इतना तुम वीर पात किए हो कि तुम्हारा मन तुम्हें डाउन नहीं करेगा और क्या करेगा इसीलिए हम चीख चीक के कहते हैं बच्चों
से कि बंद करो यारे बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हस्तम तुने सीने लायक नहीं रह जाओगे हमारी बात को उपहास में मत लो हमारी बात को अच्छे से समझो अभी ब्रह्मचर्य से होते हर काटने की शक्ति तुम्हारे अंदर होती है अब डूबो अब खिलवाड़ खिलवाड़ में नष्ट कर दिया ब्रह्मचर्य अब वो ऐसी चीज तो है नहीं कि ऐसे टेबलेट है कि खा ले तुम ऐसा वो संयम पूर्वक रहा जाता ब्रह्मचर्य मनुष्य जीवन का बहुत बड़ा नीव है बहुत बड़ी उन्नति का स्वरूप है अब छोटे-छोटे बच्चे हस्तम तुन गंदी बातों में अपने जीवन को नष्ट कर रहे आपकी क्या समस्या है जो आप ऐसा सोचे महाराज जी कॉन्फिडेंस नहीं बिल्कुल खत्म हो गया कुछ ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं जिसकी वजह से मेरा आत्मविश्वास और आत्मबल बिल्कुल खत्म हो गया है इसी वजह से आप हम पर विश्वास कर सकते हो हम कोई वैद्य नहीं कि तुम्हें डॉक्टर बता रहे हम अध्यात्मिक की बात तुम्हें बता रहे हैं जीवन में इतनी जगह सफलता इतनी जगह सफलता कि अगर हम अपनी बातें तुम्हें बताए तो तुम सोचोगे तुम जी कैसे रहे हो किडनी फेलियर आदमी है
इसको रखेंगे इतने की दवा लगेगी आश्रम में आश्रम से निकाल दिए जाते थे भरोसो दृढ़ इन चरणन के रो भगवान का भरोसा कि हर कष्ट सहगा असफलता ही थोड़ी हमें जीवन में मिलती रहेगी एक दिन सफलता भी मिलेगी निराश क्यों होते हो आप नाम जप करते हो बहुत कम नहीं यार करो यही दवा है यही तुम्हें बचाएगी यही तुम्हें सजाएगी अगर हम भगवान का भजन ना करते होते तो मरे मराए बैठे हैं दोनों किडनी फेल है डायलिसिस होता है कोई पूछने वाला नहीं मिलता भगवान का बल है तो आप देख लो सब कुछ देख
लो आख खोल के हम तुम्हें बताए क्या बताए य तुम्हारे ऊपर ही समस्या नहीं है सबके ऊपर समस्या आती है लेकिन उनसे लड़ा जाता है हारा नहीं जाता ऐसे नहीं हारा जाता जैसे आप हार कर सोच रहे कि मैं समस्या का समाधान है क्या यह शरीर छूटेगा दूसरा शरीर मिलेगा फिर भयानक कष्ट फिर क्या करोगे इसी में समाधान कर लो नाम जप करो सत्संग सुनो और अपने कार्य शैली में तन्मय होना सीखो जो तुम का कुछ कार्य तो करते हो ना कि नहीं करते कोई कार्य अभी फिलहाल कोई कुछ नहीं कार्य अभी कोई अब बताओ कैसा मनुष्य जीवन है जो बिल्कुल बेकार तीत हो रहा यार लेबरी तो कर सकते हैं हम अगर कोई कार्य नहीं तो हम आ घंटे मेहनत करके 50 रप कमा सकते हैं फालतू में बैठने से क्या होगा हम एक टेंपो चला सकते हैं हम एक रिक्शा चला सकते हैं हम कोई भी कार्य कर सकते हैं मनुष्य जीवन व्यर्थ नष्ट करने के लिए नहीं उत्तम आदमी वो है जो समय का सदुपयोग कर ले आज हम लेवरी करेंगे कल हम छोटी सी दुकान खोलेंगे परसों में होटल खोल लेंगे एक छोटा सा काम करने वाला आदमी एक बहुत बड़ा
बन जाता है तु हमारी बात को मानकर किसी कार्य में लगो इस खाली बैठने से सब कुछ होता है भाई हमारे पास पैसा नहीं कि हम कोई व्यापार कर सके तुम लेवरी तो कर सकते हैं ना कई प्रकार की लेवरी होती है केवल ईट पत्थर वाली लेवरी नहीं होती बहुत तरह की लेवरी होती है हम करें हम छोटे बनकर लगे तो हम बड़े बन जाएंगे हमारी बात को समझ रहे हो आप आप धैर्य रखो वही भगवान तुम्हारा वही भगवान हमारा है बिल्कुल हम तुम दोस्त हैं हिम्मत मान के चलो अगर आज हम लेवरी करेंगे तो कल मालिक
देख रहा है वो उठाएगा वो उठा दे तो फिर कोई गिराने वाला नहीं आप सच्ची मानिए और उससे अगर नहीं जुड़े तो फिर कभी उठ नहीं सकते चाहे जितना उठो गिरी जाओगे तो नाम जप करो राधा राधा या जो तुम्हें प्रिय हो और कुछ काम करो कोई काम करो और बिल्कुल यह सब बातें छोड़ो हमारी मृत्यु होगी लेकिन अपने टाइम से होगी हम इसको नष्ट नहीं करेंगे मेहनत करेंगे कुछ भी करो यार संसार में बहुत काम है कुछ भी करो लेकिन खाली बैठना पाप है खाली मत बैठो ठीक है आपकी क्या समस्या है मैं भूल नहीं पा रहा हूं महाराज जी जो पहले हो गया वो नहीं भूल पा रहा हूं क्योंकि कम बचा ये सबसे बड़ा दोष वर पास इससे होता है राधा राधा जपना शुरू करो 10 15 20 मिनट डंड बैठक मारो किलो दो किलोमीटर दौड़ो और गंदी बात मत करना महीने दो महीने में फिल्म मिलो आ कर के हमको ठीक है बताना आपको कैसा लग रहा है हम कोई धार फू के कोई औषधि नहीं य महा औषधि है आप सत्य से चलोगे तो स्वयं बलवान हो जाओगे ठीक है और यह कभी करना नहीं सोचना भी नहीं है बस महाराज जी आप कह दो मेरे साथ हो
हा हम आपके साथ हैं बिल्कुल आपके साथ है हम ऐसे लोगों के साथ ज्यादा नजदीक है जो सुधर के चल रहे हैं वो तो चल ही रहे हैं और जो बिगड़े हुए हैं वो हमारे ऊपर पैर रखकर चले हम ऐसे हैं हमारे कांधे पर बैठो और चलो सत मार्ग में तुम चिंता मत करो हम तुम्हारे दोस्त हैं ठीक है यह कभी मत सोचना ठीक है आप काम क्या करते हो अभी तो महाराज जी कुछ मन ही नहीं लगता पढ़ाई में भी बस घर प अरे यार यह सब बेवकूफ लोगों की बातें है मन लगे तो काम म यार हम कुछ करें पहले मतलब नेगेटिव
हो जाता महाराज जी कुछ चीज देखो ये सारे लक्षण ब्रह्मचर्य हीनता के हैं आपके पास आ रहा था ना तो इससे पहले तीन बार भी ये प्रश्न किया है तो वो मन ने पहले ही बोल दिया कि नहीं मिल पाएगा इससे पहले ही मर जाओ यह सब चीज नहीं नहीं बिल्कुल अब तुम नेगेटिव जब कहे ना तो हमारा चिंतन करना हम पॉजिटिव रख देंगे चिंता ना करो आप आप तुम समझ नहीं रहे हो तुम समझ नहीं रहे हो कितनी बड़ी सामर्थ्य हम भगवान के अंश है यार ईश्वर अंश जीव परमात्मा के अंश है और इतना भूल करके नीचे गिर गए कि हम इतने नीचे उठो नाम जप करो हम जो कह 15 20 मिनट दंड बैठक मारो और एक दो किलोमीटर दौड़ लगाओ जो भोजन पाओ और इसके बाद कोई काम करो कोई भी काम करो हम क कुछ करो कुछ करो य लगो मन को लगाना पड़ेगा शैतान है सबसे पहले बैच में यही प्रश्न आया था तो इस शैतान को कार्य में लगाओ नहीं ओवर थिंकिंग नेगेटिव सोच इसमें मार देगा ये नाम जप करो जो हम कह रहे हैं वैसे चलो समझ रहे हो एक महीना ठीक से चलो फिर हमें बताओ आके ठीक है जैसे एक भाई भाई से कहता वैसे मैं
तुम्हें कह रहा हूं एकदम प्रसन्न मन से रहो निराश नहीं होना हम सब एक दूसरे का अगर हित करें ना तो कोई दुखी ही ना रह जाए कि ना अर्थ है ना कुछ सोच है ना कोई रास्ता दिखाई दे रहा है तो काम में लगोगे तो एक अच्छे व्यक्ति बन जाओगे धीरे धीरे धीरे धीरे उन्नति को प्राप्त हो ठीक है महाराज जी
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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