मेरे मन ने जो कहा मैंने सब किया पर अब वो ही मुझे गलत करने के लिए विवश कर रहा है
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
राधे-राधे महाराज जी गुरुदेव मेरे मन ने मुझे जो जो कहा मैंने सब किया काम क्रोध ब्रह्मचर्य नाश पिछले कुछ दिनों से मेरी जो परीक्षा का रिजल्ट आया वो बहुत निराशाजनक था गुरुदेव जिस मन की इच्छा की पूर्ति के लिए मैंने इतना कुछ किया किसी की बात नहीं मानी वो मन अभी मुझे बहुत नेगेटिव विचार ला रहा है महाराज जी मेरी दुर्गति कर रहा है महाराज जी मेरे जब हमारे मन के द्वारा मनमानी हो जाती है तो वही मन हमको दंड देने लगता है वही मन हमको क्लेश देता है तो अभी नाम जप करो करो खूब अधिक नाम जप करो सत्संग सुनो और कोई गलत आचरण मत करो जैसे हस्तमैथुन है और मोबाइल से गंदी बातें देखना है गंदे बच्चों का संग करना है गंदी क्रियाएं करना है इनको छोड़ो तभी अच्छे बन पाओगे अगर ये सब गंदी बातें करते रहे तो मन फिर बहुत पर मन तो इतना डिस्टर्ब कर देता है कि करने का मन हो जाता है इसकी पूर्ति करने के लिए हमने बहुत कुछ किया लेकिन ये अब ऐसे थॉट आ रहा है जैसे आपने बताया अभी वैसे उत्साह संपन्न बनो निराश मत हो सब ठीक है सत्य आपके द्वारा
जो बात कही गई थी प्रभु हमारे दिमाग में आई थी इसलिए हम यहां तक पहुंच पाए आपने कहा था एक बार कि हारना नहीं हारना नहीं चाहिए हां हां हारना नहीं है पर ज्यादा लिफ्ट भी नहीं देनी मन को मन के खिलाफ चलना सीखो बहुत कठिन है मन के खिलाफ चलना। पर यदि खिलाफ नहीं चलोगे तो फिर उसकी गुलामी आपको परेशान कर देगी। मन की गुलामी परेशान कर देगी। नाम जप करो दंड बैठक मारो नहीं करते। व्यायाम नहीं करते। दौड़ नहीं लगाते। समय से उठते नहीं। अपनी दिनचर्या कोई बनाए नहीं तो कैसे ठीक होगे?
आप हमें बताओ। अभी आप अपनी दिनचर्या ठीक बनाए। अभी ठीक हो जाएंगे। आप दो-ती किलोमीटर सुबह दौड़िए। जवान बच्चे हो जो हम कहे सो करो। 20 30 मिनट दंड बैठक मारिए। 15 मिनट आसन में बैठकर प्राणायाम करते हुए नाम जप कीजिए। प्राणायाम बहुत योग सिखाते हैं। तो उसमें 15 20 मिनट प्राणायाम कीजिए। तो उससे आपकी मनो शुद्धि, प्राण शुद्धि, शरीर शुद्धि होगी और भोजन सही कीजिए। मोबाइल से गंदी बातें मत देखिए और हस्तमैथुन मत कीजिए। फिर देखो आपका सुधार होने लगेगा। बहुत बढ़िया आनंद आने लगेगा।
पहले आचरण को सुधारिए। अगर ऐसे ही गंदी बात करते हैं तो फिर बहुत ही कूड़ा मन हो जाएगा। और बहुत ही कूड़ा आपको उपदेश देने लगेगा। गंदी बातों के उपदेश देने लगेगा और आप उसके उपदेशों को काटने की कला जानते नहीं। इसलिए जो मन कहेगा वही आप करेंगे। फिर आपको जेल भी पहुंचा सकता है। आपको करने का उत्साह दे सकता है। आपको दूसरे की हत्या करने का उत्साह बहुत गंदा है। इसे सुधार लो। नहीं तो बहुत खतरनाक है, बहुत खराब है। तो हमारा मन हमको ऐसी जगह गिरा सकता है कि हमारा पूरा जीवन बर्बाद हो सकता है।
इसलिए इसकी गुलामी से तो मुक्त होना ही चाहिए। हम जो कह रहे हैं वो करो बहुत जल्दी लाभ मिलेगा। ठीक है? दो-ती किलोमीटर दौड़ लगाओ। सुबह उठकर के 4:00 बजे दंड बैठक मारो। शीतल जल पी के चौच स्नान करके दंड बैठक मारो। थोड़ी देर आसन में बैठ के प्राणायाम करो। नाम जप करो, पवित्र आचरण करो, अभी ठीक हो जाओगे। ठीक है?
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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