हमेशा के लिए दुखों से दूर होना चाहती हूँ पर नाम जप या भगवान में कोई रुचि नहीं है
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
नेहा जी राधे-राधे महाराज जी राधे-राधे महाराज जी महाराज जी मैं पेशे से डॉक्टर हूं मैंने बचपन से बहुत दुख पाया है अब मैं हमेशा के लिए दुखों से छूटना चाहती हूं मेरी भगवान के दर्शन की कोई लालसा नहीं है नाम जप में भी कोई रुचि नहीं है पर मैं सदा के लिए दुख रहित होना अब जैसे किसी को पैसे कमाना है कह दे मेरी रुचि नहीं है लेवरी करने की नौकरी करने की व्यापार की आपको कुछ ना कुछ करना शुरू करना होगा भले लेवरी करो ओवरटाइम करो 500 की जगह ₹800 आपको मिलेगा। आप कम खर्चा करो और ज्यादा कमाओ।
अब ऐसे ही दुख से निवृत होना है पर भजन नहीं करना। भागवतिक मार्ग में नहीं चलना तो दुख तो भोगना ही पड़ेगा। इस संसार का नाम दुखालयम अशाश्वतम है। नाशवान और दुखमय है। यहां जो कुछ भी है वो सब दुख प्रदान करने वाला है। आप चाहे जो कुछ भोग करके देख लीजिए। परिणाम में उसका दुख आएगा। वर्तमान में तुम्हें सुख लगेगा। परिणाम में उसका दुख आएगा। इसलिए भगवान का नाम जप किए बिना दुख दूर नहीं हो सकता। तो राम कृष्ण हरि राधा जो नाम प्रिय लगे बिना रुचि के बिना मन लगे नाम जप करो तुम्हारा मंगल कर देगा।
भाव कुभाव अनख आलसहु नाम जपत मंगल दसहु दसों दिशाओं में उसका मंगल हो जाएगा जो भगवान का नाम जप करे हर विपत्ति हर संकट क्योंकि मनुष्य जीवन संघर्षमय है याद रखो आज सुखी हो कल नहीं रहोगे आज दुखी हो कल नहीं रहोगे ये दुख सुख का चक्र चलता है जैसे दिन है तो रात की व्यवस्था कर लो लाइट की नहीं तो अंधेरे में काटना पड़ेगा। ऐसे रात है तो चिंता मत करो। उबो मत सूर्य उदय होने वाला है। तो हमारा जीवन दुख और सुख इस संघर्ष से जुड़ा हुआ है। यदि हम भगवान का आश्रय नहीं लेंगे भजन नहीं करेंगे तो सुख में अभिमान में फूल जाएंगे और दुख में हम मिट जाएंगे।
यही लगेगा कि कर लो और नाम जप करोगे तो दुख सुख में समान बुद्धि रखते हुए पार हो जाओगे। भगवान मार्ग में तो चलना है पर क्या और कोई उपाय है जैसे नाही और उपाय और कोई उपाय नहीं और सब दुख देने वाले उपाय हैं दुख देने वाले उपाय जैसे हम तुम्हें बताएं कि तुम एक लाख कमाओ और आप दूसरों को दान कर दो तो ₹1 लाख मिल जाएगा लेकिन भगवान थोड़ी मिलेंगे तो जिनके पास 10 लाख है वो सुखी है क्या आपको 10 करोड़ मिल गया तो आप सुखी हो जाओगे क्या? 50 करोड़ की आशा जाग जाएगी। 10 करोड़ आते ही 50 करोड़ की आशा जग जाएगी और 50 करोड़ आते ही एक अरब की मांग हो जाएगी।
एक अरब आते ही खरबों की मांग हो जाएगी और बहुत धन हो गया ना तो भारत में नंबर एक आने की बात आ जाएगी। और भारत में नंबर एक हो गए तो विश्व में नंबर एक आ ये मायाकृत जो लुभाववला चक्र है ये बिना भगवान के भजन के लिए देखो एक करोड़पति पिता था उसका लड़का स्कूल जाता था पैदल तो देखा कि साइकिल से एक लड़का निकल गया उसने हर्ट किया पापा मुझे साइकिल दे दो क्योंकि हमने देखा उसमें पैदल मारो चलना नहीं पड़ता साइकिल से चलने लगे। कुछ समय साइकिल से हुआ तो मोटरसाइकिल से बगल निकलना।
उसने देखा इसमें तो पैडल भी नहीं मारना पड़ता। बोले पापा अब हम साइकिल से नहीं जाएंगे। मोटरसाइकिल दे दो। तो मोटरसाइकिल खरीदी भाई अकेला लड़का अब मोटरसाइकिल से जाने लगे। एक दिन देखा जाम लगा है। और निकलने की बड़ी समस्या। पानी गिर रहा है। तो आदमी कार में बैठा मुस्कुरा रहा है। वो गए बोले पापा मोटरसाइकिल नहीं कार चाहिए। अब कार ले लिए तो कार एक दिन बड़े जाम में फंस गई। ऊपर से देखा हेलीकॉप्टर जा रहा है। जाम की कोई समस्या नहीं। बोले पापा हेलीकॉप्टर थप्पड़ मारा कार बेच दिया।
बोले पैदल जा कामनाओं का कभी अंत नहीं है। आप कुछ भी करके देख लो। कुछ भी भजन का अर्थ नाम जप नाम जप निरंतर नाम जप भगवत सेवा समाज की करते हुए जैसे अपने कई कर्तव्य हैं आप किसी की बहन है आप किसी की कुछ ना कुछ संबंध है ना हमारे कोई माता कोई पिता कोई भाई कोई बहन कोई ऐसे पति पुत्र परिवार संबंध हम अपने संबंधों का निर्वाह करते हुए और अपने कर्तव्य का पालन करते हुए जैसे व्यापार है नौकरी है किसानी है ये सब करते हुए नाम जप करें निश्चित हमारे दुख मिट जाएंगे भगवान भगवान कृपा करेंगे
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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