आपके खराब स्वास्थ्य को लेकर लोग गलत Reels फैला रहे हैं जिससे मन परेशान था
श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।
पूरा प्रवचन
कभी रील वायरल हो गई थी आपके बारे में तो ऐसा लगा था कि बस अब हां कुछ ज्यादा करके वायरल कर दिया नहीं इतना सीरियस नहीं थे कुछ ज्यादा कर हॉस्पिटल तक भी ठीक था महाराज जी अब तो ऐसेसी वीडियो करने लगे कि गंगत बोल दिया था अच्छा महाराज जी वो वो तो व्यूज के लिए कुछ भी करते था हम यहां तंग हो जाते हैं महाराज जी अच्छा हम तो आपको देख रहे हैं गए ऐसा भी बोल दिया ऐसे महाराज जी बहुत सारी रील मतलब अपने व्यूज के चक्कर में कोई भी ऐसा कुछ भी कर रहा है महाराज जिससे क्या होता है ऐसा उनको लोगों को जो ऐसे वीडियो बनाते हैं उनको समझना चाहिए अपराध है मतलब भागवतिक अपराध है जैसे हजारों लोग दुखी हुए तो उस दुख का कारण आप बने ना फिर आपको भोगना पड़ेगा व्यूज रुपया दे सकता है लेकिन अपराध से मुक्त नहीं कर सकता है यह भाव का खेल है इसमें गेम नहीं खेलना चाहिए महाराज जी बहुत ज्यादा ऐसे हॉस्पिटल तक तो ठीक फिर भी बट वो अच्छा पूरी ऐसी झांकी बनाई है फोटो एक लगा रहे हैं फिर आपकी लगा रहे हैं।
ऐसे करके पूरी एडिटिंग इतनी तगड़ी वाली किया हुआ है कि कोई भी सत्य मान लेगा महाराज जी महाराज जी बहुत सारे भक्त उससे जो भक्तों के हृदय में दुख पहुंचता है उसके परिणाम में ऐसा जो करता है उसको अच्छा नहीं रहता उसके लिए वो दुखदायक हो जाएगा उस मैं कल जा रहा था यहां को आ रहा था पिताजी ने एकदम फोन किया कि तू वहां जा रहा है वो तो है ही नहीं अब मेरा दिमाग खराब हो गया मैंने किसकी बात बिगिन करूं हां नहीं आप कह देना पिताजी से मैं बात करके आ रहा हूं। लौट आए कह लौट आए अभी हम बात करके आ रहे हैं।
ऐसा नहीं है। आप इससे भक्तों को बहुत दुख होता है। जी 2020 में जो बहुत ज्यादा तबीयत खराब हुई थी जब आपका मतलब कैथिटर चेंज होना था। तो उस समय की वीडियोस हॉस्पिटल जाते हुए कि उस समय जो आप हॉस्पिटल में थे या जो आपने संदेश दिया था कि आप सभी भजन करते रहना और ऐसा लग रहा है कि अभी अच्छा सब 2020 में तो शायद नहीं जानते हो। कुछ लोग आज जुड़े हो। उनको लगता है कि यही सत्य है और उसी पे यकीन करके महाराज जी बहुत ज्यादा भावुक हो जाते हैं और रोने लग जाते हैं। मतलब कितने जने रोने लग जाते हैं।
कितने यहां भीड़ लगा लेते हैं कि हां एक बार दिखा दो। सच बोल रहे हो ना सच बोल रहे हो। हां पर नहीं ऐसा नहीं। ऐसा नहीं करना चाहिए लोगों को क्योंकि भाव के साथ नहीं खेलना चाहिए। किसी के भावों के साथ नहीं। ये श्रद्धा और भक्ति का मार्ग है। इसमें ज्यादा मतलब उददंडता नहीं करनी चाहिए। पे भागवतिक दंड विधान लागू हो जाते हैं। यह जो लोग YouTube में इस तरह का YouTube, Facebook, Instagram इस पे सब पे रील वायरल कर देते हैं। हां तो उससे क्या होता है कि भावुक जनों के हृदय में जो दुख पहुंचता है वो दुख एकत्रित होकर जब आपको परिणाम मिलेगा क्योंकि आप गलत है।
आपने गलत न्यूज़ दी तो उसका जब परिणाम आपको आएगा तब आप संभाल नहीं पाओगे। इसलिए सबसे प्रार्थना है कि जानकारी सही जानकारी ही समाज को दी जाए। गलत जानकारी ना दी जाए जिससे वैसे कोई भी जानकारी गलत नहीं देनी चाहिए। सही जानकारी देनी चाहिए। तभी तो उसका महत्व है। और स्वास्थ ठीक है। किडली अब कोई सही थोड़ी होना है। तो ये ऐसे चलता रहेगा। कोई सीरियस मैटर नहीं। प्रभु के लिए कोई दुर्गम बात नहीं है। ऐसे ही चलता रहेगा। कहो दसों साल ऐसे निकाल दे और कहो सामना ना हो उनका खेल है तो अपने को लाभ ले लेना है शरीरों के चक्कर में नहीं पड़ना है लाभ ले लेना है अब वो संत वाणी का लाभ लेकर के वस का लाभ ले रहे तो कितने दिन कितना सही न्यूज़ देनी चाहिए नहीं लोगों के भाव में जो दुख पहुंचता है वो ठीक नहीं है वो परिणाम में दुख देगा हां अच्छा यह भावुकता का विषय है भावुक जनों के हृदय में एकदम चोट पहुंचती है तो वो जब एकत्रित होगी तो तुम्हें परेशान कर देगी।
फिर वो कहीं और जाकर तुम्हें दुख देगी। इसलिए लोगों को चाहिए सही खबर देनी चाहिए। जो एकदम शॉर्ट लगेगा हृदय में एकदम जो धक्का लगेगा। फिर बात हुई कि झूठी है। पर वह जो धक्का लगा हृदय में वह भोगना पड़ेगा जो झूठी खबर देगा। इसलिए ऐसा नहीं करना चाहिए।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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