॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
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हम कौन हैं और हमारा लक्ष्य क्या है?

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श्री हित राधा केलि कुंज, वृन्दावन में पूज्य श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज के साथ एकांतिक वार्तालाप। साधक अपने जीवन और साधना के प्रश्न रखते हैं और महाराज जी उनका समाधान करते हैं।

पूरा प्रवचन

विभोवर मिश्रा जी नरवल से जय श्री राम अरे जय श्री राधे श्री राधे महाराज जी महाराज जी इनके बहुत सारे प्रश्न थे इनके कहना गुरु जी मृत्यु क्या है जीवन क्या है जन्म क्या है नींद क्या है ईश्वर क्या है सुंदरता क्या है दुख क्या है ध्यान क्या है सुख क्या है सब प्रश्न का प्रश्न कर रहे तुम क्या हो मैं इस शरीर का सारथी बना हुआ हूं कुछ नहीं सारथी कौन है मैं कुछ नहीं हूं क्योंकि मैं अपना परिचय क्या दूं मैं कुछ नहीं हूं क्योंकि प्रश्न ही नहीं बनता ना कुछ नहीं से कोई प्रश्न होता है भाई कुछ नहीं से कोई प्रश्न होता है प्रश्नकर्ता तो बने हो ना तो कुछ नहीं प्रश्न करता बुद्धिमानी नहीं चतुरई नहीं सही में चलोगे तो हर प्रश्न का उत्तर तुमसे हम दिलवा देंगे अभी बच्चा जब तक जीव भगवान की शरण में नहीं होता और भगवान का नाम जप नहीं करता तब तक उसको खुद समझ में नहीं आता ऐसी माया की धुंधली भरी आंधी है कि जो ज्ञानिन कर चित अपहरई बरियाई विमोह बस करी तुम तो बच्चा हो अभी जो ज्ञानी महात्मा है उनकी भी आंखों में धूल झोंक कर

उनकी तपस्या अपहरण कर ले जाए ऐसी माया भगवान की विचित्र है हम पहले स्वीकार करें कि हम भगवान के अंश हैं मानते हो अपने को तो आप कुछ नहीं बोलोगे आप क्या बोलोगे मैं भगवान का हूं भाषा बदलो मानते हो कि नहीं पहले मानते भगवान के अंश हो ये मानते हो आप क्योंकि शरीर तो एक मानो रथ है। इसको चलाने वाली बुद्धि है। और इस शरीर रूपी रथ में बैठने वाला जो है रथी वो भगवान का अंश है। तुम सारथी नहीं हो। सारथी बुद्धि है। मन लगाम है। इंद्रियां घोड़े हैं। शरीर रथ है। तुम बैठने वाले हो।

बैठने वाला कौन है? ईश्वर अंश जीव अविनाशी चेतन अमल सहज सुख राशि हर सवाल का उत्तर इसी में आता चला जाएगा समझ पाए आप कौन है अब आपसे पूछे आप कौन है तो आप क्या बोलोगे भगवान का अंश भगवान का अंश है अब आपका उद्देश्य क्या है जीवन आपका जीवन क्या है भगवान को जान लेना या अपने को पहचान लेना 22 साल से इस कमरे में अपने को एक सेकंड भी नहीं मिले आप नहीं मिले ना अपने से बढ़िया उत्तर दे रहे हो इसी को जानना जीवन है और इसी का ना जानना मृत्यु है जब अपने को नहीं जानते और शरीर पर राग कर बैठे तो शरीर के द्वारा जो शुभ अशुभ कर्म बने तो पुनरप जननम पुनरप मरणम पुनरपि जननी जठरे शयनम बार-बार जन्म बार-बार मृत्यु बार-बार मां के गर्भ में यही भूल हमको ले जाती है।

इस मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या है? भगवान का भजन करके भगवान को जान लेना भगवान को पा लेना या अपनी पहचान जान लेना नरतन कर फल विषय न भाई भजिए राम सब काम बिहाई भजन ना होना और भोगों में रमण करना यही मृत्यु है जिन हरि भगती हृदय नहीं आनी जीवित सब समान ते प्राणी जीता हुआ मुर्दा टहला है जिसके जीवन में भगवान का चिंतन नहीं भजन नहीं जीता हुआ मुर्दा है गोस्वामी जी कह रहे हैं मनुष्य जीवन का लक्ष्य क्या भगवत प्राप्ति अपने स्वरूप का बोध हो जाना मृत्यु क्या अपने को भूल जाना शरीर राग में फंस जाना सारे प्रश्नों का उत्तर तुम ही से तुमको मिल जाएगा बस तुम भगवान की शरण में होकर नाम जप करना शुरू करो आप भगवान के चैतन्य घन अंश हो आप में सारी सारी शक्तियां हैं।

आप अपनी शक्तियों का स्मरण करके उनको जागृत करो। वो है नाम जप, मंत्रुष्ठान, दूसरों का उपकार करना, पापाचरण से अपने को रोक पाना। अगर रोक पाए तो फिर जीवन प्रकाशमय हो जाएगा। अगर पापाचरण होते रहे तो फिर अंधकार नहीं हटेगा। ज्ञान अंधकार छाया रहेगा। समझ पा रहे हो? सारे प्रश्नों का उत्तर मिल जाएगा आपको। भजन भजन नहीं है तो फिर टिकेगा भी नहीं। कोई उत्तर दे दो। कोई तरह टिक ऐसे में टिकता है ऐसे में नहीं टिकता जो भजन करने वाला होता है ऐसे होता है जो भजन भगवान से विमुख होता है वह अहंकारी ऐसे होता है उसमें कुछ नहीं टिकता है तुम नाम जप करो भगवान के आशित रहो माता-पिता की सेवा करो समाज की सेवा करो इनमें सब में भगवान विराजमान है यही जीवन का लक्ष्य है कि भगवान की हमें एन केन प्रकार प्राप्ति हो जाए और अगर प्राप्ति ना हुई सो परत्र दुख पावई सिर धुन धुन पछताए कालह कर्मह ईश्वर मिथ्या दोष लगाए जो न तर भवसागर अस समाज नर पाए स्वति निंदक मंदमति आत्मति वो आत्महत्यारा है वो दुर्गति को प्राप्त होगा जो मानव देह प्राप्त करके पापा आचरण करता है और भगवान की प्राप्ति नहीं कर लेता नाम जप करो सब प्रश्नों का उत्तर मिल जाएगा आएगा।

यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।

मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)

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