बुरे का भी भला करना सीखना है? तो यह कहानी सुनें।
पूज्य महाराज जी के श्रीमुख से भक्त-चरित्र — पूरी कथा ऊपर वीडियो में सुनें।
पूरा प्रवचन
जो तुम्हारे साथ बुरा करे यदि उसके साथ परोपकार करो भलाई करो तो और डबल लाभ मिलता है। एक आपसे विरोध कर रहा है। आप उसका भला सोच रहे हो। भला बिना भगवान की कृपा के ऐसा कैसे सोचा जा सकता है? लेकिन जो हमारा बुरा करे उसका हम भला करें। ये और बढ़कर के परहित है और श्रेष्ठ परोपकार है। यही सुंदर देवत्व है। मानवता में देवत्व है। पर यह होना कठिन है। जो हमारा अपमान करे, हमारी निंदा करे और हम उसकी पर अगर हम परोपकारी हैं तो डरेंगे नहीं। एक बार हमें एक डॉक्टर मिले पागल खाना के तो हमने पूछा पागल तो पागल ही होते हैं।
वो आपके ऊपर भी प्रहार करने की कभी चेष्टा की। बोले एक दो बार खोपड़ी फूटी। कहा आपको गुस्सा नहीं आया। बोले बिल्कुल नहीं। कहा क्यों? बोले हमें पता है वो पागल है। हमारा कर्तव्य है उसको ठीक करना। बोले बिल्कुल गुस्सा नहीं आया। एक अपना कर्तव्य समझने वाला डॉक्टर अपने ऊपर प्रहार करने वाले पर गुस्सा नहीं करता तो हम अपना परमार्थ का कर्तव्य समझने वाले साधक होकर हमको गुस्सा नहीं करनी चाहिए।
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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