मिट्टी में दबा भक्त 30 दिन बाद जीवित निकला – चमत्कारी कथा | Shri Hit Premanand Ji Maharaj
पूज्य महाराज जी के श्रीमुख से भक्त-चरित्र — पूरी कथा ऊपर वीडियो में सुनें।
पूरा प्रवचन
केवल राम जी महाराज बहुत ही गरीब परिवार से थे पर संत से भी थे। उनके यहां संत मंडली आई पवाने के लिए कुछ स्वाभाविक था ही नहीं। कई लोगों के पास गए कि हमें उधार दे दीजिए। हमारे यहां बहुत सगे रिश्तेदार आए हैं। हम आपको जल्दी ही मेहनत करके निपटा देंगे जो उधार लिया है। पर किसी ने उधार उनको नहीं दिया। एक जो सेठ धनी था उसने देखा कि बहुत आवश्यक इनको है और यह हमारा काम कर सकते हैं। तो उन्होंने कहा हमें एक कुआं खोद करके दे दो। उससे हम जल की व्यवस्था अपनी सिंचाई आज के लिए करेंगे।
जितना आप कहोगे भोजन हम दे देंगे। तो कहा ठीक है जी आप हमारे आए हुए भगवत प्रेमी महात्माओं के स्वागत के लिए व्यवस्था कर दो जो आप सेवा कहोगे हम कहे हां बस हमें कुआं खोद के दे दो खूब घी बुरा आटा सब ले गए अच्छे से पकवान मनाए भगवान का भोग लगाया संतों को पवाया एक-दो दिन संत मंडली विराजमान रही फिर वो पधारे पत्नी सहित ये दोनों महापुरुष सेठ के पास गए आज्ञा करो क्या यहां कुआं खोदना है जगह बता दी कुआं खोदना एक फावड़ा मारते राम पत्नी तसला उठाती रज राम बहुत गहरे गहरे पर जल मिलता था तो कई हाथ खोदने के बाद बालू वाली मिट्टी आई खुदाई अब कोई दूसरा सहयोग देने वाला नहीं था ऐसे रस्सी में बाल्टी आदि बांधकर नीचे फेंकती उसमें रज भर देते वो नाम कीर्तन करते हुए ऊपर घसीटती और नाम कीर्तन करते हुए नीचे खोजते जब बालू के नीचे 10 हाथ खुदाई की तो जो बालू का पिंड था वो कुएं का फट गया और अंदर रह गए ऊपर से मिट्टी गिर गई पत्नी रोई चिल्लाई लोग एकत्रित हुए पर उनका भाई इतना गहरा कुआं और नीचे दब गए।
ऊपर से कितने हाथ मिट्टी जम गई वो तो मर गए होंगे। बोले अब खोदना बेकार है क्योंकि अब खोदने में भी तो समय लगेगा। वो पुराना समय था ज्यादा और गरीब आदमी थे। कोई सहयोग देने के लिए पत्नी को समझा बुझाकर सेठ ने कहा जब कोई आवश्यकता हो भोजन सामग्री ले लेना पूर दिया गया कुआं। और वो नाम जापक महापुरुष एक महीने बाद वहां से राजा की सवारी निकली तो आवाज आ रही थी। राम राम राम तो भक्त हृदय थे। उन्होंने कहा ये आवाज कहां से आ रही? उनके अंग पार्षदों ने तत्काल खोज की आवाज की तो बोले महाराज ये आवाज यहां से आ रही है।
तुरंत उस नगर के लोगों को बुलाया गया। हां बोले यही कुआं था इसी कुआं में तो दब गए हैं केवल राम जी। पूरी घटना बताई। तो उन्होंने तत्काल आदेश किया राज सैनिकों को तत्काल मिट्टी हटाई जाए। एक महीने बाद मिट्टी हटाई गई। जैसे जैसे वो मिट्टी हट वो तो राजा है उनके लिए कोई बड़ी बात थोड़ी है। हजारों आदमी लग गए आज्ञा पर। जब वो बालू की मिट्टी हटी है तो जहां केवल राम जी बैठे थे वहां गुफा बनी हुई थी। एक भी बालू का कण भी झाड़ के नीचे नहीं गिरा हुआ था और जब खोले गए तो देखा समीप निर्मल जल का घड़ा और सुंदर भोग प्रसाद ताजा उनके पास वो आराम से नाम कीर्तन कर रहे थे पर ऐसे होने की जगह नहीं थी एक महीना हो गए थे झुके झुके टेढ़ी हो गई थी थोड़ी मेरुदंड उनको निकाला गया राजा आश्चर्यचकित होकर उनके चरणों में गिर गया ये कैसे हुआ बोले मुझे कोई कष्ट नहीं था प्रतिपल मेरे भगवान वहां दुलार कर रहे थे और भूख मिटाने के लिए सुंदर भगवत प्रसाद मिलता
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मूल वीडियो: Shri Hit Radha Kripa (YouTube)
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